माॅब लिचिंग की रोकथाम के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाया जाए- मौलाना महमूद मदनी

नई दिल्ली, 21,जुलाई। जमीअत उलमा-ए- हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने देश में गौरक्षा और अन्य शीर्षक से जारी माॅब लिचिंग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि इसके रोकथाम के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाया जाए।

मौलाना महमूद मदनी ने शुक्रवार शाम अलवर, राजस्थान में मेवात के अकबर खां की भीड़ द्वारा हत्या पर अफसोस का इज्हार करते हुए कहा कि कानून हाथ में लेने वालों का हौसला इसलिए बढ़ता जा रहा है क्यों कि वह कानून की गिरफ्त से खुद को सुरक्षित समझते हैं। मौलाना महमूद मदनी ने पिछली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्ष भी अलवर में पहलू खान और उमर खान की गौरक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मगर हैरानी की बात तो यह है पिछले साल पुलिस ने पहलू खान की हत्या में शामिल 7 आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। जाहिर है कि ऐसी स्थिति में माॅब लिचिंग को कभी नहीं रोका जा सकता। इसलिए इस बात की जरूरत है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत केंद्र सरकार उसके खिलाफ अलग और व्यापक कानून बनाए।
मौलाना मदनी ने कहा कि इस देश में केवल माॅब लिचिंग नहीं हो रही है बल्कि इस प्रक्रिया को वैध ठहराया जा रहा है और अपराधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। संसद में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस बर्बर प्रक्रिया की निंदा की और इसे मानवता के खिलाफ बताया, लेकिन इसके साथ ही यह बेहद अफसोस की बात है कि उनके केन्द्रीय मंत्रियों ने अपने कार्यों और बातों से उनका समर्थन किया है। मौलाना मदानी ने कहा कि यह हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। कि भीड़तंत्र द्वारा किसी क्रिया की प्रतिक्रिया बताकर उसको सही ठहराया जाये। ऐसे अपराध को अंजाम देने वालों के विरूद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
मौलाना मदनी ने कल के अलवर में हुई घटना के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया जिसमें उन्होंने इसका बचाव किया। उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की है कि इस पूरे कांड की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वास्तविक दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। उन्होंने अकबर खान के परिजनों को उचित मुआवजा दिये जाने की भी मांग की है। मौलाना महमूद मदनी ने उस कहा कि जरूरत पड़़ने पर जमीअत उलमा-ए- हिंद अकबर को न्याय दिलाने के लिए हर संभव संघर्ष करेगी।

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