देश हित मे गरीबो, दलितों और मुसलमानों को मार दिया जाए तो हैरान मत होइए


यूनुस मोहान

हाँ जो सुना आपने मैं वही कह रहा हूँ कुछ गलत नहीं कह रहा बस वही बता रहा हूँ जो देख रहा हूँ आप देख या सुन रहे हैं या फिर औरों की तरह ही अंधे और बहरे हो गए हैं हालाँकि आपसे ज़बान तो पहले ही छीनी जा चुकी है पाकिस्तानी चीनी का कमाल है ये .
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की गोलीबारी का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है और चारों ओर से सरकार से यही सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर पुलिस को फायरिंग के आदेश किसने दिये. 22 मई को हुई गोलीबारी में न सिर्फ मरने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि करीब 70 लोग अभी भी घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज चल रहा है.वजह जानते हैं आप यह लोग क्यों मार दिए गयें क्योंकि इन्हें अपने बच्चों की सांसे बचानी थी लिहाज़ा पुलिस ने मुँह में रायफल डालकर गोली मारी, हालाँकि इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है हमेशा अमीर के विरोध पर गरीब ऐसे ही मारा गया है तो अब भी मारा जा रहा है .
यह है न्यू इंडिया जहाँ अगर आप पर्यावरण बचाने के लिये सड़क पर आये और किसी पूंजीपति का विरोध किया तो आप मार दिये जायेंगे.

खैर यह घटना थी तमिलनाडु की अभी वहां भी चुनाव आनेवाले हैं कुछ समय बाद आइये मध्यप्रदेश चलते हैं गौवंश की रक्षा के लिए मशहूर दल ने इंसान को इसलिए मार दिया क्योंकि उनके अनुसार यह गौवध करते थे सतना के अमगारा गावं में लोगों ने रियाज़ और शकील को बुरी तरह पीटा जिसमे रियाज़ की अस्पताल में मौत हो गई और जिनपर हत्या का शक है उन्ही के द्वारा लिखाई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर शकील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है .हमारे देश के गृहमंत्री ने इस घटना पर अफ़सोस जता दिया है आप इससे संतोष कर लीजिये अगर फिर भी सब्र न आये तो भी आप कुछ नहीं कर सकते .इसलिए सरकार का शुक्रिया अदा कीजिये कम से कम दुःख तो जता ही दिया

दलित हैं आप तो आपके लिए भी खुशखबरी है देश का सबसे समृद्धि राज्य कौन है आप तो जानते ही होंगे सबसे ज़्यादा विकसित अरे हाँ सही समझे गुजरात घटना वहीँ की है राजकोट की जहाँ एक 35 वर्षीय कूड़ा बीनने वाले दलित मजदूर मुकेश वानिया और उसकी पत्नी जयाबेन वानिया को फैक्ट्री मालिक ने चोरी के शक पर पीटा जिसमे मुकेश वानिया की मौत हो गई, इस मार पीट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ यह उस देश की कहानी है जहाँ करोड़ो लेकर भागने वाले के साथ प्रधानमंत्री फोटो खिंचवाते हैं और फिर वह आराम से विदेश में मौज करते हैं सरकार उन्हें पूरा मौक़ा देती है ताकि वह विदेश जा सकें ,खैर वह अमीर हैं आपकी उनसे कोई बराबरी नहीं है आपने अगर एक रोटी भी चुराई तो आपको मार दिया जायेगा ,चुराना तो दूर की बात है अगर शक भी हुआ न तो भी मार दिया जायेगा ,आप मरने के लिए हर दम तैयार रहिये यह आपका भाग्य है .

गरीब को मरना ही है जीते जी मरे या कोई उसे मार दे ऐसे में देश में हाहाकार मचा हुआ है कि तेल बहुत महंगा हो गया है गरीब का कहना है साहिब इसे 1000 पार कर दिया जाये क्योंकि हमारी लाश जलने के लिए कौन सा सैकड़ों लीटर का खर्चा होना है 100 मिली लीटर बहुत है इससे ऊपर खरीदने की हमारी औकात नहीं है.साहिब से किसानो की मांग है देशहित में तेल के दाम और बढ़ाये जाएँ हम भारत माँ को और क़र्ज़ में नहीं देख सकते जल्दी जल्दी देश का क़र्ज़ उतारा जाये सिर्फ दलित ,किसान नहीं बल्कि हर गरीब और मुसलमान भी यही मांग कर रहे हैं कि देशहित में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बेतहाशा बढ़ा दिए जाएँ और हाँ हम यह भी मांग करते हैं कि जो पैसा बैंक का नीरव मोदी ,मेहुल चोकसी ,ललित मोदी ,विजय माल्या और न जाने कितने ऐसे ही महानुभाव लेकर भागे हैं और 2022 तक लेकर भागने की संभावना है उसे भी हमसे इसी तरह वसूल किया जाये हम सब देशहित में सारी क़ुरबानी देने को तैयार हैं इस मांग से आप सब भी सहमत है न तो फिर खबरदार जो किसी ने तेल के दाम बढ़ने पर कोई बात की राष्ट्रनिर्माण में सहयोग कीजिये वरना देशद्रोही की सजा तो आप जानते ही हैं न चलिए मैं आपको फिर याद दिला दूँ मौत !! जी हाँ मौत अरे आप डरे नहीं यह क्या बात हुई आप दलित,मुस्लिम,गरीब हैं इसलिए मौत से नहीं डरेंगे यह तो कोई जवाब नहीं हुआ कि हम तो रोज़ तिल तिल मरते हैं या किसी के ज़रिये मार दिए जाते हैं हमे मरने से अब डर नहीं लगता .
यह देश के 85% लोगों की व्यथा है पढ़ कर खुश होने या तारीफ करने की ज़रूरत नहीं है सिर्फ सरकार का साथ दीजिये कि वह तेल का दाम बढ़ाये और देश का कर्जा उतारे जैसे आपकी चमड़ी उतार रही है अगर आप सहयोग नहीं कर सकते तो आप राष्ट्रद्रोही हैं क्योंकि सरकार के फैसले पर ऊँगली उठाने का नाम अब राष्ट्रद्रोह है इसे अब लोकतंत्र की ख़ूबसूरती नहीं कहते इसे सरकार का विरोध कहते हैं और सरकार को विरोध पसंद नहीं है .लिहाज़ा देशहित में अगर गरीबों ,दलितों, और मुसलमानों को मार दिया जाये तो बुरा मत मानिये यह राष्ट्रहित में किया गया काम है ……………………………

Categories: राजनीति

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