निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने से दो दर्जन लोगों की हुई मौत


मो.अनस सिद्दीकी
दिल्ली. वाराणसी के केंट में एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा गिर गया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस हादसे में तकरीबन दो दर्जन लोगों की मौत हो गई है जबकि ५ लोगों को मलबे से जिंदा निकाला गया है. मलबे के नीचे अब भी 50 से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका है.

इस फ्लाईओवर का निर्माण कैंट रेलवे स्टेशन के पास किया जा रहा था. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. हादसे के बाद सीएम योगी लखनऊ से बनारस के लिए रवाना भी हो गए हैं. सीएम यहां पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटनास्थन का दौरा करेंगे.

अब तक पिलर के नीचे दबे वाहनों के अंदर से 18 शव निकाले जा चुके हैं. राहत एवं बचाव कार्य में जुटी NDRF के मुताबिक, मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है. हादसे में घायल 7 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है, जबकि शेष 5 घायल खतरे से बाहर हैं.

उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. केशव प्रसाद मौर्य ने अस्पताल जाकर हादसे में घायल लोगों का भी हाल-चाल लिया.
योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान करने के साथ-साथ जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने को कहा है. कमेटी को 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपनी होगी.

उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना पर दुख जताया है और उन्होंने जिला प्रशासन को तेजी से बचाव कार्य करते हुए लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
पिलर के नीचे दबे वाहनों में फंसे घायलों को निकालने के लिए NDRF की 7 टीमें लगाई गई हैं. करीब 325 राहतकर्मी बचाव कार्य में लगे हुए हैं. वाहनों पर गिरे पिलर को हटाने के लिए NHAI की क्रेन घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. यह क्रेन 200 टन तक का वजन उठाने में सक्षम है.

जानकारी के मुताबिक पुल का हिस्सा टूटकर नीचे जा रहे वाहनों पर जा गिरा, जिसके बाद काफी लोग नीचे दब गए. मौके से आ रही तस्वीरों में टूटे हुए हिस्से के नीचे कई गाड़ियां दबी हुई देखी जा सकती हैं. साथ ही मौके पर मौजूद स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. प्रशासन और बचाव दल भी घटनास्थल पर पहुंच चुका है.

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट कर बताया कि उन्होनें स्थानीय अधिकारों से बात कर पीड़ितों को हर मुमकिन मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. पीएम ने बताया कि योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है और राज्य सरकार हादसा पर पैनी नजर बनाए हुए है.

उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वॉइस ऑफ़ पॉलिटिक्स से कहा कि वाराणसी में पुल के हादसे में लोगों को बचाने के लिए मैं वहाँ के अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वे बचाव दल के साथ पूरा सहयोग करें और सरकार से ये अपेक्षा करता हूँ कि वो केवल मुआवज़ा देकर अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं भागेगी बल्कि पूरी ईमानदारी से जाँच करवायेगी.

Categories: क्राइम न्यूज

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