कट्टरपंथिओं के विरुद्ध हैं इंडियन शिया आवामी लीग, पार्टी ;वसीम रिज़वी

नई दिल्ली – उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने अपनी नई राजनतिक पारी खेलते हुऐ अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान किया है। उनकी राजनीतिक पार्टी का नाम है इंडियन शिया आवामी लीग। इसके साथ ही उन्होने अपनी पार्टी के 16 प्रदेश अध्यक्षों का भी एलान कर दिया है।
नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के तमाम हिस्सों में शिया समुदाय के लागों को अल्पसंख्यकों में भी अल्पसंखक माना जाता है। इसीलिये केन्द्र और प्रदेश की सरकारों दुारा चलाई जाने वाली तमाम योजनाओं का हिस्सा शिया समुदाय के लोगों तक नहीं पहुँच नही पातीं है इसके लिये शिया समुदाय के लोगों को जागरूक करने और उनका हिस्सा उनको दिलाने के लिये और राजनीतिक रूप से शिया समुदाय के लोगों जाग्रत करने के लिये हमने एक राजनीतिक पार्टी बनाने का फैसला किया है क्योकि इससे पहले देश में शिया समुदाय के लोगों की अपनी कोई जमात या राजनीतिक पार्टी नहीं थी।
वसीम रिज़वी ने कहा कि हम देश में अमन और शांति का पैग़ाम लेकर जनता के बीच जाऐंगे और उन्हें बताऐंगे कि इस्लाम अमन और शांति का पैग़ाम सिखाता है और इसके लिये हमे किसी भी व्यक्ति के समुदाय या मज़हब से कोई वास्ता नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि हम देश में बढ़ती फिरका परस्ती और नफरत के खिलाफ है क्योकि हम देश में भाई चारा और अमन चाहते है।
एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि हमारी इस पार्टी का पहला काम शिया समुदाय के लोगों को उनकी खोई पहचान वापस दिलाना होगा। साथ ही उन्होने कहा कि चाहे वह राजनीतिक पहचान हो या सामाजिक पहचान। उन्होने कहा कि इस देश में शिया समुदाय किसी दुसरे समुदाय से कम या पीछे नहीं है लेकिन मुस्लिम समाज के दूसरे तबकों दुारा शिया समुदाय के हक को हड़प लेने की वजह से शिया समुदाय आज अपनी पहचान वापस पाने और अपने बच्चों के मुस्तकबिल को लेकर परेशान है और शिया समुदाय की इसी परेशानी को लेकर हमने पहल की है और मुझे उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर प्रदेश में रहने वाले शिया समुदाय के लोग उनका साथ देंगे।
उन्होने शिया समुदाय के बड़े नेता मौलान कल्बे जव्वात पर निशाना साधते हुऐ कहा कि वह सिर्फ एक मौलाना है नेता नहीं साथ ही उन्होने यह भी कहा कि मौलानाओं का काम होता है धर्म प्रचार करना ना कि राजनीति करना। उन्होने कहा कि मैं चाहता हूँ कि मज़हब और राजनीति दो अलग अलग चीज़ें हैं और इन्हें अलग ही रहना चाहिये।
अपने उपर लगे आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने कहा कि मेरे उपर जो भी आरोप लगे थे मैं उनसे पूरी तरह बरी हो चुका हुँ और मैं शायद पहला ऐसा व्यक्ति हुँ जिसने बार बार कहकर अपने उपर लगे आरोपों की जांच करवायी और मैं अंततः बरी हो गया हुँ।
पार्टी के बनने के ऐलान के साथ ही वसीम रिज़वी    ने अपनी पार्टी इंडियन शिया आवामी लीग की राष्ट्रीय कमेटी और 16 प्रदेशों के अध्यक्षों का भी ऐलान कर दिया। इंडियन शिया आवामी लीग में दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मौलाना शोएब काज़िम (लखनऊ) और नईम हसन बाकरी (दिल्ली) एक महासचिव हैदर आग़ा (गोआ) दो सचिव डा0 सैययद शाहीन आबिदी (कर्नाटक) और मीर आज़ाद मौहम्मद (जम्मू) एक खजांची अश्फाक़ हुसैन (फैज़ाबाद) इसके अलावा 8 राष्ट्रीय सदस्य भी बनाऐ है जिनमें ज़हीरुुल हसन (दिल्ली) कैसन अली बाक़री (मुरादाबाद उ0प्र0) विसाल मेंहदी बाक़री (नहटौर उ0प्र0) मौहम्मद ज़ामिन (बाराबंकी उ0प्र0) सैयद रफीकुल हसन रिज़वी (लखनऊ उ0प्र0) सैयद आज़ाद हसन जैदी (गुडगांव हरियाणा) हसन अली (सिरसी सम्भल उ0प्र0) तथा सैययद अली अशतर (लखनऊ उ0प्र0) हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की कमान सम्भल उ0प्र0 निवासी चैधरी मौहम्मद उरूज़ आलम के हाथों में सौंपते हुऐ उन्हें उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

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